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Wednesday, 4 May 2016

क्या आप जानते हैं? एक महीने पहले ही पता लग जाते हैं हृदयाघात के ये 8 लक्षण... जानिए!

healthpatrika.com     19:34:00    
ह्रदयाघात के एक महीने पहले से ही इसके लक्षण मानव शारीर में प्रकट होने लगते है तथा इनको पहचान लिया जाये तो ह्रदयाघात को रोका जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर महीने भर पहले दिल के मरीजों में ये लक्षण पहचान लिए जाएं, तो हृदयाघात को रोकने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। आइए हृदयाघात के कई दिनों पहले से ही पता लगने वाले लक्षणों के बारे में जानते है।

heart attack how your body warning you before some days in hindi

पहले से दिखने वाले हृदयाघात के लक्षण :-

अमरीकन हार्ट एसोसिएशन्‍स साइंटिफिक सेशंस में हुए एक नए शोध के मुताबिक, हृदयाघात के लक्षण करीब एक महीने पहले से ही दिखाई देने लग जाते हैं। एक महीने पहले से सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में दिक्कत, फ्लू की समस्‍या और घबराहट जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर महीने भर पहले दिल के मरीजों में ये लक्षण पहचान लिए जाएं, तो हृदयाघात को रोकने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। आइए हृदयाघात के कई दिनों पहले से ही पता लगने वाले लक्षणों के बारे में जानें।

सांस लेने में तकलीफ और थकान :-

थकान और सांस की तकलीफ में आपके शरीर को आराम की जरूरत हैं, लेकिन यह दिल पर अतिरिक्त तनाव के कारण हृदयाघात का लक्षण भी हो सकता है। यदि आप बिना किसी कारण या परिश्रम के अक्‍सर थक जाते हैं या हमेशा थका-थका महसूस करते हो तो यह परेशानी का सबब हो सकता है। थकान और सांस की तकलीफ महिलाओं में आम होती हैं और हृदयाघात होने से कई दिनों पहले शुरू हो जाती है।

बहुत अधिक पसीना आना :-

बिना किसी कार्य और एक्‍सरसाइज के सामान्‍य से अधिक पसीना आना हृदय की समस्याओं की पूर्व चेतावनी संकेत हैं। अवरुद्ध धमनियों के माध्यम से रक्त को दिल तक पंप करने के लिए बहुत अधिक प्रयास करना पड़ता हैं। जिससे आपके शरीर को अतिरिक्त तनाव में शरीर के तापमान को नीचा बनाए रखने के लिए अधिक पसीना आता है। अगर आपको बहुत अधिक पसीना आता है और चिपचिपी त्वचा का अनुभव होता हैं, तो तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

अपच, मतली और उल्टी :-

हृदयाघात से पहले हल्के अपच और अन्‍य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं देखने को मिलती हैं। लेकिन हम अक्‍सर इसको नजरअंदाज कर देते हैं क्‍योंकि हृदयाघात की समस्‍या आमतौर पर बड़े लोगों में पाई जाती हैं और उनमें आमतौर पर अधिक अपच की समस्‍या होती हैं। सामान्‍य रूप से पेट में दर्द, अपच, हार्ट बर्न या उल्‍टी की समस्‍या होना हृदयाघात का संकेत हो सकता है।

सीने में दर्द, दबाव, और बेचैनी :-

सीने में दर्द या बेचैनी हृदयाघात का सबसे प्रमुख लक्षण है, हालांकि, कुछ लोगों को बिल्कुल भी सीने में दर्द का अनुभव नहीं होता। छाती के बीच में बेचैनी, दबाव, दर्द, जकड़न और भारीपन अनुभव करने पर तुरंत अपने डाक्‍टर से संपर्क करें।

शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में दर्द :-

दर्द और जकड़न शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में भी हो सकता है। इसमें बाहों, कमर, गर्दन और जबड़े में दर्द या भारीपन भी महसूस हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द शरीर के किसी भी हिस्‍से से शुरू होकर सीधे सीने तक भी पहुंच सकता है। इन लक्षणों की अनदेखी कभी नही करनी चाहिए और संभावित हार्ट अटैक के लिए इनकी जांच की जानी चाहिए।

परिपूर्णता की भावना :-

हृदयाघात के पहले से दिखने वाले लक्षणों में परिपूर्णता की भावना भी आती है। इसमें व्‍यक्ति को हर समय भरा हुआ सा महसूस होता है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि जब ऑक्सीजन युक्त रक्त संचार प्रणाली के माध्यम से नहीं जा पाता तब शरीर पेट में दर्द के संकेतों को भेजकर जवाब देता है।

फ्लू जैसे लक्षण :-

चिपच‍िपी और पसीने से तर त्वचा, थका हुआ और कमजोर महसूस होने को अक्‍सर लोग फ्लू के लक्षण माना जाता हैं। लेकिन वास्तव में यह हृदयाघात का लक्षण हो सकते है। इसके अलावा सीने में भारीपन या दबाव की भावना को भी लोग चेस्‍ट कोल्‍ड और फ्लू होने के नाम से भ्रमित होते हैं लेकिन यह हृदयाघात के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई देेने पर तुरंत डाक्‍टर से संपर्क करें।

पल्‍स और हार्ट रेट का तेजी से धड़कना :-

कभी-कभी हृदयघात से पहले दिखने वाले अधिक समान्‍य लक्षण जैसे तेजी से और अनियमित रूप से पल्‍स और हार्ट रेट का चलना हृदय की धड़कन में असामान्य तेजी के रूप में जाना जाता है। यदि यह समस्‍या अचानक से आ जाती हैं तो इस अवधि के दौरान आपका दिल बहुत तेजी से और मुश्किल से धड़कता हैं और यह हृदयाघात का लक्षण हो सकता है। इसे में तुरंत डाक्टर की सम्पर्क करे।

कृपया इस जानकारी को अपनों को शेयर अवश्य करे जिससे की इसके बारे में सभी लोग जान सके ...

Thursday, 25 February 2016

दिल को स्वस्थ रखना है तो जरुर पियें ब्लैक टी

healthpatrika.com     13:38:00    
ब्लैक टी वजन घटाने में मदद करती है, ये बात तो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि काली चाय दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। जी हां, एक नए रिसर्चसे यह बात सामने आई है कि काली चाय दिल को स्वस्थ रखने में बहुत मददगार होती है। आइये जानते है इसके बारे में...

black tea keep your heart healthy

दिल के लिए काली चाय : काली चाय दिल की सेहत के लिए बहुत अच्‍छी होती है। एक ताजा अध्धयन में यह बात सामने आई है कि काली चाय में पाए जाने वाले एक विशेष तत्‍व और उसकी उपयोगिता के बारे में बताया गया है। काली चाय में प्रचुरता से पाया जाने वाला एक प्रकार का फलेवनॉयड, क्व र्सटीन, धमनियों को ऑक्सीकरण से होने वाले नुकसान से बचाता है। साथ ही यह हृदयवाहिका से संबंधित बीमारियों की संभावना को भी कम करता है।

एंटीऑक्सीडेंट है फ्लेवनॉयड : फ्लेवनॉयड पौधों में पाए जाने वाले साधारण वर्णक यौगिक होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है। विटामिन-C के असर को बढ़ाता है और रक्तवाहिकाओं के आसपास संयोजी ऊतकों की रक्षा करता है।

अध्धयन से निकले निष्कर्ष : यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न आस्ट्रेलिया के स्कूल ऑफ मेडिसिन के रिसर्च फेलो नेतेली वार्ड और फार्मेकोलॉजी के प्रोफेसोरियल फेला, केविन क्रॉफ्ट ने चूहों पर किए गए एक प्रयोग के आधार पर कहा कि हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि क्व र्सटीन, वाहिकाओं को ऑक्सीडेंट से होने वाले नुकसान से बचाने में सक्षम है।

शोध पत्रिका बायोकेमिकल फॉर्मेकोलॉजी के मुताबिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस बात के प्रमाण हैं कि खाद्य फ्लेवनॉयड्स उच्च रक्तचाप को कम कर सकता है और अथेरोस्क्लेरोसिस के विकास को कम कर सकता है।


अध्धयन के नतीजे : विश्वविद्यालय के बयान के मुताबिक वार्ड और क्रॉफ्ट ने कहा, भविष्य में हृदय रक्तवाहिकाओं पर फ्लेवनॉयड के असर से सम्बंधित अध्ययनों में अलग-अलग तरह के फ्लेवनॉयड और फ्लेवनॉयड के खाद्य स्रोतों के उपयोग पर विचार किया जाना चाहिए।

Friday, 19 February 2016

ह्रदय रोगियों के लिए कितना जरूरी है योग करना... जानिए

healthpatrika.com     17:14:00    
क्‍या आप जानते है कि विश्व भर में हृदय रोग से पीड़ित लोग अपने बचाव के लिए क्या कुछ नही करते लेकिन फिर भी जीवन बचाने में असमर्थ रहते हैं। पर नियमित योग करने से हृदय रोग से बचना संभव है। हृदय रोग हमारे शारीरिक परिश्रम और दैनिक जीवन में प्राप्त भोजन पर निर्भर करता है। आधुनिक जीवन में शारीरिक परिश्रम कम और भोजन में वसा, प्रोटीन व कार्बोज की मात्रा बढ़ती जा रही है।

yoga for heart problem in hindi

विश्व भर में दिल के दौरे की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हमारे देश में हर साल करीब 25 लाख लोग दिल के दौरे के कारण असमय मौत के मुंह में चले जाते हैं। हृदय रोगों की संख्या के बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है लोगों का अपनी सेहत का ख्याल ठीक से ना रखना। आजकल की व्यस्त जिंदगी में लोग अपने काम को ज्यादा प्रथामिकता देते हैं। लेकिन जरा सोचिए अगर आप स्वस्थ नहीं रहेंगे तो काम कैसे कर पाएंगे। ऐसे में अगर आप थोड़ा सा समय योग के लिए निकालें तो आप अपने दिल को चुस्त व रोगमुक्त रख पाएंगे। आईए जानें हृदय रोग में कौन-कौन से योग करना चाहिए।

ताड़ासन : सबसे पहले पैरों को एक साथ मिलाकर खड़े हो जाएं। अब पंजों पर जोर देते हुए धीरे-धीरे ऊपर उठें एवं दोनों हाथों को मिलाकर ऊपर की ओर तान दें।  इस अवस्था में पूरे शरीर का भार पैरों के पंजों पर होगा और पूरे शरीर को सीधा ऊपर की ओर तानेंगे। इसे करते समय पेट को अन्दर की ओर खींचना चाहिए तथा सीना बाहर की ओर तना हुआ रहना चाहिए। कमर-गर्दन बिल्कुल सीधी रखें। इस आसन का अभ्यास कम से कम 5 बार अवश्य करना चाहिए।

स्वस्तिकासन : दरी या कंबल बिछाकर बैठ जाएं। इसके बाद दाएं पैर को घुटनों से मोड़कर सामान्य स्थिति में बाएं पैर के घुटने के बीच दबाकर रखें और बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाएं पैर की पिण्डली पर रखें। फिर दोनों हाथ को दोनों घुटनों पर रखकर ज्ञान मुद्रा बनाएं। ज्ञान मुद्रा के लिए तीन अंगुलियों को खोलकर तथा अंगूठे व कनिष्का को मिलाकर रखें। अब अपनी दृष्टि को नाक के अगले भाग पर स्थिर कर मन को एकाग्र करें। अब 10 मिनट तक इस अवस्था में बैठें। इस योग से एकाग्रता बढती है साथ ही हृदय का तनाव कम होता है।

सर्वांगासन : इस आसन में पहले पीठ के बल सीधा लेट जाएं फिर दोनों पैरों को मिलाएं, हाथों की हथेलियों को दोनों ओर जमीन से सटाकर रखें। अब सांस अन्दर भरते हुए आवश्यकता अनुसार हाथों की सहायता से पैरों को धीरे-धीरे 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री और अन्त में 90 डिग्री तक उठाएं। इससे आपकी पाचन शक्ति ठीक रहती है और रक्त का शुद्धिकरण भी होता है।


शीर्षासन : दोनों घुटने जमीन पर टिकाते हुए फिर हाथों की कोहनियां जमीन पर टिकाएं। फिर हाथों की अंगुलियों को आपस में मिलाकर ग्रिप बनाएं, तब सिर को ग्रिप बनी हथेलियों को भूमि पर टिका दें। ‍इससे सिर को सहारा मिलेगा। फिर घुटने को जमीन से ऊपर उठाकर पैरों को लंबा कर दें। फिर धीरे-धीरे पंजे टिकायें और  दोनों पैरों को पंजों के बल चलते हुए शरीर के करीब अर्थात सिर के नजदीक ले आते हैं और फिर पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए उन्हें धीरे से ऊपर उठाते हुए सीधा कर देते हैं तथा पूर्ण रूप से सिर के बल शरीर को टिका लेते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है साथ ही हृदय गति सामान्य रहती है। पर ध्यान रहे इस आसन को सावधानी से करना चाहिए क्योकि यह थोडा कठिन होता हैं। 

Monday, 15 February 2016

अब नही होगा हृदयाघात, जानिए केसे?

healthpatrika.com     15:38:00    
डॉक्टर्स का मानना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल युक्त भोजन या अंडों के सेवन से हृदयाघात नहीं होता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि उच्च कोलेस्ट्रॉल युक्त भोजन या नियमित तौर पर एक अंडा खाने से हृदय रोग का खतरा नहीं होता है। ऐसे व्यक्तियों में भी जिनके परिवार में पीढ़ी-दर पीढ़ी हृदय रोग की समस्या रही हो, उनमें भी कोलेस्ट्रॉल और अंडे के सेवन से हृदय रोग का खतरा नहीं होता है।

eat egg a daily doesnt risk your heart


वैज्ञानिकों ने इस तथ्य को खारिज किया है कि उच्च कोलेस्ट्रॉल या प्रतिदिन एक अंडा खाने से कोरोनरी हृदय रोग के साथ सामान्य कैरोटिड धमनी की दीवार के अधिक मोटा होने का खतरा बढ़ता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खतरा उन व्यक्तियों को भी नहीं होता है, जिनमें अनुवांशिक तौर पर कॉलेस्ट्रॉल युक्त भोजन से हृदय रोग होने की संभावना होती है।

इसके साथ ही कोलेस्ट्रॉल उपापचय को प्रभावित करने वाले एपीओई 4 फीनोटाइप प्रोटीन की मौजूदगी वाले व्यक्तियों में भी इसका कोई संयोजन नहीं मिला है। हृदय रोग के खतरों का पता लगाने के लिए साल 1984-1989 के बीच क्योपियो इसेमिक हार्ट डिसीज शोध किया गया था। इस शोध में वैज्ञानिकों ने 42-60 वर्ष की आयु के 1,032 पुरुषों की आहार आदतों का अध्ययन किया था।


जिसमें वैज्ञानिकों ने इस शोध का 21 सालों तक अनुसरण किया गया। शोध में शामिल प्रतिभागियों में 230 पुरुषों को एक बार हृदयाघात हुआ था और 32.5 प्रतिशत प्रतिभागियों में एपीओई 4 प्रोटीन की मौजूदगी मिली। शोध में शामिल उच्चतम नियंत्रण समूह वाले प्रतिभागियों के दैनिक आहार में 520 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल और एक अंडा शामिल था। वैज्ञानिकों का निष्कर्ष है कि उच्च कोलेस्ट्रॉल या प्रतिदिन एक अंडे के सेवन करने से हृदयाघात नहीं होता है।

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