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Thursday, 4 August 2016

काली मिर्च, तुलसी और अदरक से होते है ये हेरान कर देने वाले फ़ायदे!

healthpatrika.com     16:03:00    
इस मानसून के मोसम में इंफेक्शन, एलर्जी, कोल्ड होना आम बात है। इंफेक्शन से शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। कई बार तो ऐसी हालत हो जाती है कि खाना पचाना मुश्किल होता है और इम्‍यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है।
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तो आइये जानते हैं कैसे आप मानूसन सीजन में इम्यून सिस्टम बढ़ा सकते हैं :-

आपको बता दे कि इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए सबसे पहले तो आपको हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए। दूसरा अपनी नींद पूरी करें। नींद के साथ किसी तरह की लापरवाई ना करें। कम से कम 7 से 8 घंटे जरुर सोएं। तनाव से दूर रहें। तनाव का इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इम्यून बढ़ाने के लिए खाएं ये फूड :-

काली मिर्च :- पाउडर के तौर पर या क्रश करके किसी भी रूप में आप काली मिर्च का सेवन करें। इससे गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स नहीं होंगी। काली मिर्च से शरीर में पनपने वाले कई बैक्टीरिया खत्म किए जा सकते हैं। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल तत्व बुखार और अन्य इंफेक्शंस से बचाते हैं। इसलिए काली मिर्च का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

अदरक और लहसून :- सुपर एंटी इंफ्लेमेट्री तत्वों से भरपूर अदरक और लहसून शरीर में होने वाले दर्द और मितली से बचाते हैं। अंगुठे के आकार की अदरक, एक नींबू, 2-4 टुकड़े लहसून के और एक गाजर, इन सबका जूस बनाकर पीने से इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत होता है।

तुलसी :- बुखार, अस्थमा या फेफड़ों की किसी भी तरह की बीमारी से तुलसी खाकर बचा जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि तुलसी की कुछ पत्तियों को पानी में डालकर पीने से पानी भी साफ हो जाता है।


हल्दी और शहद :- सीजनल एलर्जी से बचने के लिए हल्दी और शहद रामबाण हैं। ये बुखार, वायरल इंफेक्शन या फिर सीजनल एलर्जी के बैक्टीरिया को खत्म करता है। साथ ही इम्‍यून सिस्टम भी मजबूत करता है।

Saturday, 30 July 2016

काजू खाने से होते है ये 5 बड़े फ़ायदे...जानिए!

healthpatrika.com     10:02:00    
खासतौर पर काजू को दुनिया के स्वास्थ्यप्रद भोजन के रुप में जाना जाता है। काजू प्रोटीन, विटामिन, खनिज और एंटी का बहुत अच्छा स्रोत हैं। साथ ही काजू के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ भी हैं।
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तो आइये जानते है काजू से होने वाले स्वास्थ्य लाभ :-

*दिल स्वस्थ रहता है :-
काजू दिल के लिए बहुत फायदेमंद है क्योकि काजू नेचुरली कोलेस्ट्राल फ्री होते हैं लेकिन हेल्दी हार्ट फैट्स, फाइबर, प्रोटीन और आर्जीनिस से परिपूर्ण होते हैं जो धमनी की दीवारों की अंदरूनी परत की रक्षा करता है।

*हड्डियों को स्वस्थ रखता है :-
काजू कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होता है जो हड्डी विखनिजीकरण से आपके शरीर की रक्षा करता है। काजू में विटामिन के होता है जो हड्डी के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा के लिए अच्छा होता है।

*आखों को स्वस्थ रखता है :-
काजू में ल्यूटेन और ज़ियाएक्सांथिन (एंटीऑक्सीडेंट) अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो कि आंखो की रोशनी को कम होने से बचाता है और मोतियाबिंद को कम करने में मददगार होता है।

*रक्त रोग नही होते :-
काजू में खासी मात्रा में कॉपर होता है जो रक्त रोगों से लड़ने में मददगार होता है। कॉपर की कमी से आयरन की कमी जैसे एनीमिया जैसे रोग हो जाते हैं और काजू में कॉपर होने की वजह से इससे लड़ने में मदद मिलती है।

*वजन घटाएं :-

हाल ही में रिसर्च से पता चला है कि काजू में पाया जाने वाला मोनो और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट वजन नियंत्रित करने में सहायक होता है साथ हार्ट में बनने वाले फैट और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मददगार होता है।

Friday, 29 July 2016

सावधान! आपके पर्स के नोट कर सकते है बीमार... जानिए कैसे?

healthpatrika.com     18:00:00    
आप यह जानकर चोंक जाएंगे कि आपके पर्स के नोट भी आपको बीमार बना सकते हैं। आपके बटुए के नोट पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं बल्कि उनमें कई तरह के बैक्टीरिया हैं जो आपको अपनी चपेट में ले सकते हैं। यह बात एक शोध में सामने आई है।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान केंद्र (सीएसआईआर) और जिनोमिक्स एण्ड इंटीग्रेटिव बायलॉजी (आईजीआईबी) संस्थान द्वारा किए गए अनुसंधान के अनुसार एक नोट में औसतन कवक -70 फीसदी, बैक्टीरिया -9 फीसदी और विषाणु -एक फीसदी से कम,  जीव होते हैं।

आईजीआईबी के प्रधान वैज्ञानिक एवं इस शोधपत्र के लेखकों में एक एस रामचंद्रन ने कहा, ‘हमने स्टेफाइलोकोकस ऑरियस और इंरटकोकस फेकैलिस समेत 78 रोजजनक सूक्ष्मजीव की पहचान की है। हमारे विश्लेषण से यह भी पता चला है कि कागज के इन नोट (मुद्रा) पर विविध प्रकार के सूक्ष्मजीव होते हैं और कई एंटीबायोटिक प्रतिरोधी भी होते हैं।

शोधपत्र के अनुसार नोटों के इन रोगजनक सूक्ष्मजीवों से चर्मरोग, कवक और पेट के संक्रमण, सांस संबंधी परेशानियां और यहां तक तपेदिक भी हो सकती है।

दिल्ली महानगर में रेहड़ी पटरीवालों, किराने की दुकानों, कैंटीन, चाय की दुकानों, हार्डवेयर की दुकानों, दवा की दुकानों आदि से नमूने इकट्ठे किए गए थे। उनमें 10, 20 और 100 रुपए के नोट थे जिनका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

आस्ट्रेलिया जैसे कई देशों ने इन्हीं कारणों से कागज के नोट के स्थान पर प्लास्टिक के नोट चलाए  गये हैं।


रामचंद्रन ने कहा, ‘हम पहले से ही प्लास्टिक मुद्रा (क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड) का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन उनका इस्तेमाल व्यापक नहीं है । व्यक्ति को अवश्य ही स्वच्छता के तौर तरीके अपनाना चाहिए तथा इन नोटों को संभालने के बाद किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए हाथ को रोगाणुमुक्त कर लेना चाहिए।

Tuesday, 26 July 2016

क्या आप जानते है “सीएफएल” बल्ब बिजली तो बचाता है पर सेहत के लिए होता है बहुत ख़तरनाक... जानिए क्यों?

healthpatrika.com     17:32:00    
हाल ही हुए एक शोध के मुताबिक, टूटे हुए कॉम्पैक्ट फ्लोरेसेंट लाइट (सीएफएल) बल्ब इंसानी जिंदगी के लिए खतरनाक हैं। इस शोध में ऐसा पाया गया है कि इनसे निकलने वाला मरक्यूरी भेपर हफ्तों तक हवा में सक्रिय रहता है।
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जैक्सन स्टेट यूनिवर्सिटी के याडोंग ली और ली जिन के शोध के मुताबिक, एक टूटे हुए सीएफएल से निकलने वाला लीक्विड भेपर की कुल मात्रा कभी-कभी सुरक्षित मात्रा को पार कर जाती है, जिससे इंसान को खतरा हो सकता है। विभिन्न प्रकार के सीएफएल बल्बों से अलग-अलग मात्रा में मरक्यूरी भेपर निकलता है और इसका मानव शरीर पर उसी अनुसार असर पड़ता है।

टूटे हुए सीएफएल से निकलने वाले मरक्यूरी भेपर सांसों के माध्यम से इंसान के शरीर में प्रवेश करते हैं। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि टूटने के बाद इसे जल्द से जल्द हटा लिया जाय। साथ ही साथ इसके सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति को तत्काल हवादार स्थान में जाना चाहिए।

वैसे एक टूटे हुए सीएफएल से निकलने वाला लीक्विड मक्यूरी (एचजी) इंसानों के लिए अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन एक साथ कई सीएफएल टूटे हुए पड़े हैं, तो आपको इससे जरूर खतरा है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप इसके प्रति सावधान रहे।


कई लोगों की यह आदत होती है कि वे ऐसे खराब और टूटे हुए बल्बों को घर के किसी कोने या कबाड़ कोने में सहेज कर रखते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो तुरंत अपनी इस आदत को बदलिए और जब भी कोई सीएफएल बल्ब टूटे, तो उसे सहेज कर रखने के बदले उसे जमीन में गहरा गढ्ढा खोदकर गाढ़ दें।

Sunday, 24 July 2016

इस फल से हो पाएगा कैंसर और एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों का इलाज... जानिए!

healthpatrika.com     18:55:00    
हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार अब कई खतरनाक बीमरियों का इलाज हो पाएगा। इस शोध के अनुसार नोनी फल कैंसर व एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों में भी कारगर साबित हो रहा है। वहीं भारत में वर्ल्ड नोनी रिसर्च फाउंडेशन सहित कई शोध संस्थान शोध कर रहे हैं।
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हाल ही में नोनी के इन रहस्यमयी गुणों का खुलासा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में एक सेमिनार में हुआ। कृषि वैज्ञानिक नोनी को मानव स्वास्थ्य के लिए प्रकृति की अनमोल देन बता रहे हैं।

इन वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र तटीय इलाकों में तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, गुजरात, अंडमान निकोबार, मध्यप्रदेश सहित नौ राज्यों में 653 एकड़ में इसकी खेती हो रही है।

कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व चेयरमैन व वर्ल्ड नोनी रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. कीर्ति सिंह ने कहा – “इस फल में दस तरह के विटामिन, खनिज पदार्थ, प्रोटीन, फोलिक एसिड सहित 160+ पोषक तत्व हैं।


उन्होंने कहा कि – “इसके इतने पोषक तत्वों की मौजूदगी के चलते उच्च रक्तचाप, हृदय, मधुमेह, गठिया, सर्दी जुकाम सहित अनेक बीमारियों में औषधि के रूप में काम आता है ।उन्होंने यह भी बताया कि, “यह फल एक बेहतरीन एंटी ऑक्सिडेंट है, यदि शुरू से इसका सेवन किया जाए तो कैंसर नहीं होगा, फाउंडेशन कैंसर व एड्स पर नोनी के प्रभाव का शोध कर रहा है।

Saturday, 16 April 2016

केसर से होते हैं ये 5 हेरान कर देने वाले फायदे... जानिए

healthpatrika.com     07:56:00    
केसर के त्वचा और बालों सहित आपके स्वास्थ्य के लिए भी अनेक फायदे होते हैं। केसर की छोटी-छोटी पत्तियों का इस्तेमाल खाने-पीने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि इसका औषधीय गुणों के लिए भी प्रयोग किया जाता है। इसमें गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और बेड कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता होती है, जिस वजह से ये आपके दिल के लिए अच्छा होता है। आइये जानते हैं इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ...

these are some health benefits of saffron

1.मेमोरी तेज़ करता है :- एक अध्ययन के अनुसार, केसर में अल्जाइमर रोग से बचाने और उसके लक्षणों को कम करने की क्षमता होती है। इसका इस्तेमाल अल्जाइमर की दवा डोनेपिजिल (donepezil) में भी किया जाता है। केसर के एंटी- एमीलोइड़ोजेनिक (anti-amyloidogenic) गुण उम्र से संबंधित मेमोरी नुकसान को रोकने में सहायक हैं।

2.कैंसर का खतरा कम करता है :- केसर शरीर में ट्यूमर को बढ़ने से रोकने और कम करने में सहायक है। केसर कार्सिनोजन की रोकथाम कर स्किन कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मददगार है। केसर में कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों का मुकाबला करने की भी क्षमता होती है।

3.पेट सही रखता है :- इसके एनाल्जेसिक गुण पेट दर्द और गैस की परेशानियों से राहत प्रदान करते हैं। इसके एंटी-टेम्पेनाइट गुण आतों में गैस बनने से रोकते हैं और पाचन को दुरुस्त रखते हैं। ये पेट की ऐंठन को भी कम करने में मददगार है। 

4.दिल को स्वस्थ रखता है :- केसर गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर और बैड कोलेस्ट्रॉल घटाकर आपको दिल की बीमारियों से बचाता है। केसर में क्रोसेटिन (Crocetin) नाम का एक यौगिक होता है, जो आपके दिल को स्वस्थ रखने में मददगार है।

5.दृष्टि सुधार में सहायक :- जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव ओफ्थैल्मालोजी एंड विजुअल साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, केसर ऑक्सीडेटिव डैमेज के खिलाफ रेटिना की रक्षा के लिए जाना जाता है। केसर से मैक्युला में रक्त वाहिकाओं के डैमेज के कारण होने वाले मैकुलर डिजेनेरेशन को भी रोका जा सकता है। रेटिना की क्षति शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर के कारण भी हो सकती है। केसर में कोलेस्ट्रॉल कम करने के गुण होते हैं।

Sunday, 27 March 2016

गर्मी के मौसम में रोज पीएं गन्ने का रस फिर जो फायदे होंगे हेरान कर देने वाले... जानें!

healthpatrika.com     10:05:00    
गर्मी के मौसम में गन्ने का ठंडा रस पीने का मजा भी कुछ अलग है। अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड और ग्लाइकोलिक एसिड से भरपूर गन्ना स्किन के लिए अमृत के सामान है। इससे न केवल मुहांसे कम करने बल्कि दाग-धब्बे दूर करने, उम्र बढ़ने के प्रक्रिया धीमी करने और स्किन को हाइड्रेटेड रखने में मदद मिलती है।

benefits of sugarcane juice
गन्ने का रस केवल आपको तपती गर्मी से ही नहीं बचाता है बल्कि कई बीमारियों से भी दूर रखता है। इसे पीने से आपको भरपूर ऊर्जा मिलती है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने की वजह से ये डायबिटीज मरीजों के लिए भी अच्छा होता है। ये आपको डीहाइड्रैशन से भी बचाता है। 

benefits of sugarcane juice
तेज़ गर्मी के कारण डीहाइड्रैशन का खतरा बना रहता है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन और मैंगनीज से भरपूर गन्ने का रस इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की कमी को पूरा करता है। इसमें ग्लूकोज की अधिक मात्रा होती है। ग्लूकोज और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स इसे एक बेहतर एनर्जी ड्रिंक बनाते हैं। इससे आपको न केवल ऊर्जा मिलती है बल्कि तेज़ गर्मी से बचाकर शरीर को शांत रखने में भी मदद मिलती है।

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