ह्रदयाघात
के एक महीने पहले से ही इसके लक्षण मानव शारीर में प्रकट होने लगते है तथा इनको
पहचान लिया जाये तो ह्रदयाघात को रोका जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर
महीने भर पहले दिल के मरीजों में ये लक्षण पहचान लिए जाएं,
तो हृदयाघात को रोकने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। आइए हृदयाघात
के कई दिनों पहले से ही पता लगने वाले लक्षणों के बारे में जानते है।
पहले
से दिखने वाले हृदयाघात के लक्षण :-
अमरीकन
हार्ट एसोसिएशन्स साइंटिफिक सेशंस में हुए एक नए शोध के मुताबिक,
हृदयाघात के लक्षण करीब एक महीने पहले से ही दिखाई देने लग जाते
हैं। एक महीने पहले से सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में
दिक्कत, फ्लू की समस्या और घबराहट जैसे लक्षण दिखने लगते
हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर महीने भर पहले दिल के मरीजों में ये लक्षण
पहचान लिए जाएं, तो हृदयाघात को रोकने में काफी हद तक मदद
मिल सकती है। आइए हृदयाघात के कई दिनों पहले से ही पता लगने वाले लक्षणों के बारे
में जानें।
सांस
लेने में तकलीफ और थकान :-
थकान और
सांस की तकलीफ में आपके शरीर को आराम की जरूरत हैं, लेकिन यह दिल पर अतिरिक्त तनाव के कारण हृदयाघात का लक्षण भी हो सकता है। यदि
आप बिना किसी कारण या परिश्रम के अक्सर थक जाते हैं या हमेशा थका-थका महसूस करते
हो तो यह परेशानी का सबब हो सकता है। थकान और सांस की तकलीफ महिलाओं में आम होती
हैं और हृदयाघात होने से कई दिनों पहले शुरू हो जाती है।
बहुत
अधिक पसीना आना :-
बिना किसी
कार्य और एक्सरसाइज के सामान्य से अधिक पसीना आना हृदय की समस्याओं की पूर्व
चेतावनी संकेत हैं। अवरुद्ध धमनियों के माध्यम से रक्त को दिल तक पंप करने के लिए
बहुत अधिक प्रयास करना पड़ता हैं। जिससे आपके शरीर को अतिरिक्त तनाव में शरीर के
तापमान को नीचा बनाए रखने के लिए अधिक पसीना आता है। अगर आपको बहुत अधिक पसीना आता
है और चिपचिपी त्वचा का अनुभव होता हैं, तो
तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
अपच,
मतली और उल्टी :-
हृदयाघात
से पहले हल्के अपच और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं देखने को मिलती हैं।
लेकिन हम अक्सर इसको नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि हृदयाघात की समस्या आमतौर पर
बड़े लोगों में पाई जाती हैं और उनमें आमतौर पर अधिक अपच की समस्या होती हैं।
सामान्य रूप से पेट में दर्द, अपच, हार्ट बर्न या उल्टी की समस्या होना हृदयाघात का संकेत हो सकता है।
सीने
में दर्द, दबाव, और बेचैनी :-
सीने में
दर्द या बेचैनी हृदयाघात का सबसे प्रमुख लक्षण है, हालांकि, कुछ लोगों को बिल्कुल भी सीने में दर्द का
अनुभव नहीं होता। छाती के बीच में बेचैनी, दबाव, दर्द, जकड़न और भारीपन अनुभव करने पर तुरंत अपने
डाक्टर से संपर्क करें।
शरीर
के अन्य हिस्सों में दर्द :-
दर्द और
जकड़न शरीर के अन्य हिस्सों में भी हो सकता है। इसमें बाहों,
कमर, गर्दन और जबड़े में दर्द या भारीपन भी
महसूस हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द शरीर के किसी भी हिस्से से शुरू होकर सीधे
सीने तक भी पहुंच सकता है। इन लक्षणों की अनदेखी कभी नही करनी चाहिए और
संभावित हार्ट अटैक के लिए इनकी जांच की जानी चाहिए।
परिपूर्णता
की भावना :-
हृदयाघात
के पहले से दिखने वाले लक्षणों में परिपूर्णता की भावना भी आती है। इसमें व्यक्ति
को हर समय भरा हुआ सा महसूस होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब ऑक्सीजन युक्त
रक्त संचार प्रणाली के माध्यम से नहीं जा पाता तब शरीर पेट में दर्द के संकेतों को
भेजकर जवाब देता है।
फ्लू
जैसे लक्षण :-
चिपचिपी
और पसीने से तर त्वचा, थका हुआ और कमजोर
महसूस होने को अक्सर लोग फ्लू के लक्षण माना जाता हैं। लेकिन वास्तव में यह हृदयाघात
का लक्षण हो सकते है। इसके अलावा सीने में भारीपन या दबाव की भावना को भी लोग चेस्ट
कोल्ड और फ्लू होने के नाम से भ्रमित होते हैं लेकिन यह हृदयाघात के लक्षण हो सकते
हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई देेने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
पल्स
और हार्ट रेट का तेजी से धड़कना :-
कभी-कभी
हृदयघात से पहले दिखने वाले अधिक समान्य लक्षण जैसे तेजी से और अनियमित रूप से
पल्स और हार्ट रेट का चलना हृदय की धड़कन में असामान्य तेजी के रूप में जाना जाता
है। यदि यह समस्या अचानक से आ जाती हैं तो इस अवधि के दौरान आपका दिल बहुत तेजी
से और मुश्किल से धड़कता हैं और यह हृदयाघात का लक्षण हो सकता है। इसे में तुरंत
डाक्टर की सम्पर्क करे।
कृपया
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