आहार हमारे जीवन का आधार होता है। ऐसे तो डॉक्टर मौसम के
अनुसार अपने आहार को बदलने की सलाह देते हैं, परन्तु कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं
जो हर मौसम में अपनी उपयोगिता बनाये रखते हैं। ये आहार मौसम और वक्त बदलने से से
नही बदलते हैं और हर मौसम में आपके खाने की थाली का हिस्सा बन सकते हैं।
बीमारी और सेहत दोनों का रास्ता हमारे खानपान से होकर
गुजरता है। सही और पौष्टिक आहार के बारे में सही जानकारी हमें कई बीमारियों के खतरों
से बचा सकती है। लेकिन, व्यस्त जिंदगी में पोषण कहीं पीछे छूटता जा रहा है। हम अक्सर
यह भूल जाते हैं कि सही आहार हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है। इसलिए सही आहार और
पोषण शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है।
पौष्टिक आहार क्या होता हैं :-
जिस आहार में सभी पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा, विटामिस, मिनरल्स और
फाइबर उचित अनुपात में हों, उसे सतुलित पौष्टिक आहार कहते
है। स्पष्ट है ये पोषक तत्व किसी एक या दो खाद्य पदार्थो में नहीं बल्कि विभिन्न
खाद्य पदार्थो में पाये जाते हैं। पोषक तत्वों की ये मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की
उम्र, शारीरिक सरचना और शारीरिक-मानसिक सक्रियता पर निर्भर
करती है।’
ये है वो पौष्टिक आहार :-
1. हरी पत्तेदार सब्जियां : हरी पत्तेदार सब्जियों में
एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो उम्र के असर को कम करता है। हरी पत्तेदार
सब्जियों को विटामिन-A, विटामिन-C, विटामिन-K, कैल्शियम और मैगनीशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है।
2. नट्स : रोज एक मुठ्ठी भर नट्स खाने से आप दिनभर
तरोताजा और एक्टिव रहोगे। नट्स में खासतौर पर बादाम और अखरोठ ज्यादा महत्व रखते
हैं। बादाम खाने से दिमाग तेज चलता है और खून भी बढता है। बादाम के अंदर अच्छा
कोलैस्ट्रॉल और अच्छा वसा पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं।
इसमें रेशा होता है जो शरीर से वसा को जला कर उसे स्वस्थ्य और एक्टिव बनाता है।
अगर आप बादाम खाओगे तो आपको मोटापा भी नही आएगा।
3. स्प्राऊट्स
: अंकुरित अनाज सेहत के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। यह पोष्टिक आहार माना
जाता है। यह तुरंत शरीर को ताकत व ऊर्जा देता है। अंकुरित करने से अनाजों की
पौष्टिकता बढ़ जाती है। मसलन सूखे बीजों में विटामिन-C की मात्रा लगभग नहीं के
बराबर होती है। इन बीजों के अंकुरित होने पर यही मात्रा लगभग दस गुना बढ़ जाती है।
फाइबर से भरपूर अंकुरित अनाज को आसानी से
पचाया जा सकता है। इसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं और पाचन
तंत्र मजबूत बनता है। और सबसे मजेदार बात तो ये है कि इसे किसी भी मौसम में खाया
जा सकता है।
4. अंडा : यह एक तरह का प्रोटीन का खजाना माना जाता
है। साथ ही इसमें 8 अमीनो एसिड भी होते है। यह बात अंडा खाने वाले व्यक्ति जरुर जानते
होंगे कि अंडा खाने से शरीर को कितना जादा प्रोटीन मिलता है और पेट भरने में कितना
काम आता है।
5.दूध : दूध एक संपूर्ण आहार है जिसमें मिनरल, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन उच्च मात्रा में
पाया जाता है। इसे या तो दही या पनीर के रूप में खाया जा सकता है या फिर केवल दूध
ही पिया जा सकता है। यह दोनों ही प्रकार से फायदेमंद होता हैं।
6. फल : हर
व्यक्ति को रोज सुबह और शाम एक फल तो जरुर खाना चाहिये। यह बहुत जरुरी है कि आप हर
प्रकार के फल खाएं क्योंकि हर फल में अपने ही अलग-अलग गुण होते हैं। केला खाएं, केले से अच्छा कोई नाश्ता
नहीं होता है इसे दूध में मिक्स करके खाए या ऐसे ही ये दोनों तरह से फायदा करेगा।
केले में बहुत मात्रा में पोटेशियम होता है जो उन लोगो के लिए बहुत अच्छा है
जिन्हें हाइपरटेंशन की शिकायत रहती है।
7. शहद : अगर वजन जल्दी से कम करना है तो गर्म पानी में शहद
मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पिएं। इसमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो खाने को आसानी से
हजम करता है और शूगर लैवल को बैलेंस भी करता है। कोशिश यहं भी करें कि चीनी की जगह
पर हमेशा शहद का ही प्रयोग करें।
8. जौ : ‘जौ’ लीवर से सारी गंदगी साफ करने की
क्षमता रखता है। यह एक अच्छा फाइबर युक्त भोजन होता है। ‘जौं’ के सेवन से शरीर को
ऊर्जा मिलती है और शरीर मजबूत भी बनता है। आप अपने रोटी बनाने वाले आटे में भी ‘जौं’
के आटे को मिला कर खा सकते हैं।
9.टमाटर : टमाटर में विटामिन-C पाया जाता है, इसलिये यह लाइकोपीन में
रिच होता है, जो कि एक प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट हेाता है।
इसलिये टमाटर का रस लीवर को स्वस्थ्य बनाने में फायदेमंद होता है।
10.आंवला : आंवला मे भी बहुत सारा विटामिन-C पाया
जाता है। आप आवले को कच्चा या फिर सुखा कर खा सकते हैं। इसके अलावा इसे लीवर को
साफ करने के लिये जूस के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
11.दही : दही आसानी से पच जाती है और यह पेट को
प्रोबायोटिक प्रदान करती है। यह एक अच्छा बैक्टीरिया होता है जो जॉन्डिस से भी
लड़ने में सहायक होता है। रोज खाने के साथ थोड़ी दही लें। इससे आपका पेट भी ठीक
रहता है।
हमारे लिए क्यों जरूरी हैं पौष्टिक आहार
:-
कार्बोहाइड्रेट्स दैनिक कार्यो को करने के लिए ऊर्जा
प्रदान करता है, लेकिन इस पोषक तत्व को ज्यादा मात्रा में लेने पर व्यक्ति मोटापे के शिकार
हो जाते है। वहीं काफी कम मात्रा में लेने से व्यक्ति कमजोरी के कारण थकान महसूस
करता है। प्रोटीन शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करता है और यह शारीरिक
विकास के लिए आवश्यक तत्व है। वसा ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसमें घुलनशील
विटामिन-A और विटामिन-E पाये जाते हैं।
अत्यंत कम मात्रा में वसा लेने पर शरीर के लिए जरूरी
विटामिन-A और विटामिन-E प्राप्त नहीं हो पाते। इसे भी अधिक मात्रा में लेने पर
मोटापा बढ़ सकता है। विटामिन शरीर को बीमारियों से बचाकर उसे स्वस्थ बनाये रखने
में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। मिनरल्स में कैल्शियम और आयरन का विशेष महत्व है।
कैल्शियम दातों, हड्डियों, मासपेशियों और स्नायुओं की मजबूती के लिए
आवश्यक है। आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक है। सोडियम,
पोटैशियम और क्लोरीन शरीर की मासपेशियों के सुचारु सचालन के लिए
आवश्यक हैं। फाइबर पेट साफ रखने के लिए भी आवश्यक है।

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